Savji Dholakia :Merchant Of Diamonds In Hindi :हीरे का व्यापारी : सावजी ढोलकिया

गुजरात के छोटे से गांव दुधाला में एक बालक ने एक सपना देखा । अपने सपने को साकार रूप देने के लिए गरीबी और तंग हाल में भी मन मे एक उम्मीद लिए यह  गांव से शहर सूरत के लिए निकल पड़ा। सूरत में 6 साल तक हीरे (DIAMOND)  घिसने का काम किया और मात्र 106/- रूपये की नौकरी की । 1977 में अपने तीन भाइयो गोविंद ,भगवान और वीर जी   के साथ कुल 7 लोगो से मिलकर एक छोटी सी फैक्ट्री शुरू की जहाँ हीरे की कटिंग (Cutting) ,पॉलिशिंग (Polishing ) और हैंडवर्क ( Handwork ) का काम शुरू  किया। 1992 में हरे कृष्णा एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की स्थापना की । उनकी कम्पनी में आज 9000 कर्मचारी कार्यरत है। कम्पनी का टर्नओवर  6000 हजार करोड़ रूपये है। विश्व में डायमंड की बेस्ट क्वालिटी के रूप में उन्हें जाना जाता है। 50 देशो में निर्यात होता है। विश्व की तीन डायमंड कम्पनी में इनका का नाम आता है ।
हाल ही में वे चर्चा में तब आये जब उन्होंने दीपावली  में बोनस के रूप में 200 कर्मचारियों जिनके पास आवास नहीं था उनको फ्लैट दिए।
500  कर्मचारियों को कारे गिफ्ट की , 35 लाख रूपये के सोना बांटे। सावजी का मानना है  कि कर्मचारी वर्ग भी हमारी प्रगति और profit के भागीदारी है। 1000 कर्मचारियों के पेरेंट्स को चारधामों की यात्रा करवायी ।

सावजी ढोलकिया एक धार्मिक प्रवृत्ति  के इंसान है। ईश्वर पर वो पूर्ण विश्वास करते है। नवरात्री में अपने कर्मचारियों के साथ गरबा खेलते है। उनका मानना है की  नियत (Intention) ठीक होनी चाहिए। यदि नियत ठीक है तो काम में बरक्कत आती है। कर्मचारियों के लिए स्पोर्ट्स  प्लेग्राउंड बनवाया है ।

भागवत कथा से वे अत्यधिक प्रभावित है। डोगरे जी  और मुरारी जी को वे अपना गुरु मानते है। बिजनेस की बारीकियां उन्हें ”बिलियन डॉलर बुक ‘ से मिली। वे कहते की हमारे सभी प्रश्नो का का समाधान इस पुस्तक से मिल जाता है। अपने काम (Business) को वे भगवान  मानते है।

सावजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अपने कर्मचारियों की वे इज्जत करते है। पहले हीरे को घिसने या तराशने का काम करने वालो को हीरा घिस्सू कहा जाता था ,लेकिन सावजी ढोलकिया ने उन्हें डायमंड आर्टिस्ट और डायमंड इंजीनियर का नाम दिया। कर्मचारियों को वो अपना परिवार मानते है।
देश (स्पेस), काल (टाइम) और क्रिया (कर्म) के फिलॉसफी को वे महत्व देते है और उनके अनुसार ही चलते है।

अपने अनुभव के साथ साव जी बताते है कि 2008 में रिशेसन के समय भी उसके महत्व को बताते है । ऐसे समय में बेल्जियम और इजराइल जैसे देशों में रॉ मटेरियल बहुत सस्ते हो गए थे। उनको ख़रीदा जिससे कॉस्ट (Cost ) फैक्टर को कई गुना कम किया । इस प्रकार विपरीत परिस्थतियों में भी सावजी ने समय को अपने अनुकूल किया। 46 साल के कार्यकाल में आज तक उनकी कम्पनी में हड़ताल नहीं हुई। उनका मानना है कि कर्मचारी को यदि अच्छा वातावरण और सम्मान मिले तो कोई क्यों बगावत करेगा ?
सावजी ढोलकिया ने अपने परिवार ,समाज और देश को अपने कारोबार से जोड़ा और उन्हें ख्याति दिलायी ।
अपने बेटे को अमेरिका में MBA कराने के बाद, उन्होने उसे 7000/- रूपये  देकर केरल भेज दिया। जहाँ बड़े बड़े उद्योगपति के बेटे अपनी कंपनी में MD की  सीट पर बैठते है । वही सावजी ढोलकिया ने केरल जैसे स्थान में जहाँ न उनकी भाषा थी न कोई पहचान,नौकरी करने भेज दिया । ऐसे में उनके बेटे ने वहाँ नौकरी (Service)  किया । सावजी के अनुसार पैसे की अहमियत जानना बहुत जरूरी है।  कुछ दिनों बाद उनको अपनी कम्पनी की जिम्मेदारी  सौपी ।

क्वालिटी जैसे मुद्दे के बारे में पूछने पर सावजी कहते है कि ‘अनुशासन से आदमी बनता  है, मनुष्य में भावना अच्छी होनी चाहिए। इससे डायमंड की क्वालिटी अपने आप खूबसूरत  होगी ।’
सावजी ढोलकिया जमीनी हक़ीक़त से जुड़े एक ऐसे इंसान है, जिन्होंने पैसे से ज़्यादा इंसानियत को महत्व दिया । अपने कर्मचारियो के ऊपर पूरा भरोसा जताया ।उनको अपना परिवार माना । तभी आज देश और विदेशों में उनकी विशिष्ट पहचान है ।

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15 comments

  1. amina says:

    good informaton.. nobody knows him

  2. Amita says:

    Nice information

  3. Jamshed Azmi says:

    साव जी ढो‍लकिया जी के बारे में आपने बहुत ही विस्तार से बताया और इतनी प्रेरणादायक पोस्ट हमारे सामने प्रस्तुत की, इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद। भाई मेरा तो दिल खुश हो गया आपकी पोस्ट देख कर।

    1. admin says:

      Thanks Azmi ji.

  4. Babita Singh says:

    आपके के लेख के माध्यम से सावजी ढोलकिया के बारे में बहुत कुछ जानने को मिला । सावजी ढोलकिया का जीवन संघर्ष बहुत प्रेरणादायक है । धन्यवाद इस प्रेरणादायक लेख को शेयर करने के लिए ।

  5. Mokshi Chaudhary says:

    I got very broad information in little words by this post thanks Jan jagran news

  6. Moolsingh Rajpurohit says:

    सावजी भाई ढोलकिया साहब की ओर से संबंधित जो लेख सेयर की गई थी वो बहुत ही अच्छी एंड प्रेरणा मिली है श्री ढोलकिया साहब आवाम को इसे बहुत सीख मिली है
    मे भास्कर एंड ढोलकिया जी को बहुत बहुत धन्यवाद
    देता हूं

  7. Wazir Chand says:

    Savji dholkia is a complete man and honest merchant .You are agreat owner of soft heart .Salute sir

  8. Prathviraj singh says:

    Savji so….proud of you
    Dil se salute apko

    1. Thank you Prithviraj ji.

  9. Aakash Sharma says:

    सबसे अच्छी बात जो मुझे लगी वह है की साव जी सर का अपने एम्प्लोये के प्रति व्यव्हार और भरोसा जो की आज के समय में केवल सुनने को ही मिलता है लेकिन देखने को नहीं !

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