कॉफी पीने के फायदे या नुकसान .

कॉफी

कॉफी

कॉफी हाउस में कॉफी   पीने का चलन सदियो पुराना है । लेकिन आज भी कॉफी  पीना नया और आधुनिक माना जाता है । राजनीति और आर्थिक  चर्चाओ के बीच  कॉफी की चुस्कियां  विषय को जीवंतता प्रदान करते है ।

कॉफी  का इतिहास :

कॉफी का पौधा सबसे पहले 600 ईसवी में इथियोपिया के कफ़ा प्रांत में खोजा गया । कहते है कि एक गड़ेरिये की नजर अपनी भेड़ो पर  पड़ीं । वे लाल रंग के पौधों को चर रही थी । इसके बाद वे काफी ऊर्जावान और चुस्त नजर आयी । गड़ेरिया ने कुछ बीज खुद खाकर देखा तो उसे अपने भीतर भी ऊर्जा का संचार लगा और शक्ति का अनुभव हुआ । अतः यमन और इथोयोपिया की पहाड़ी इसका उदगम स्थल माना जाता है ।

 कॉफी  का उत्पादन अमेरिका, अफ्रीका ,वियतनाम और इंडोनेशिया में होता है । यूरोप में 16 वी शताब्दी तक कॉफी  बहुत मशहूर हो गयी थी ।  अरबी में इसे कहवा कहा गया आगे चलकर कॉफ़ी और कैफे जैसे शब्द बन गए । शुरुआत में काफ़ी केवल सूफ़ी संतो तक ही लोकप्रिय थी ।17 वी शताब्दी में ईस्ट इंडिया कंपनी और डच ईस्ट इंडिया कम्पनी मोचा बंदरगाह से काफ़ी की सबसे बड़ी खरीददार थी । कॉफी से लदे जहाज केप आफ वुड होते हुए स्वदेश पहुचते थे । इसके बाद भारत  में निर्यात किया जाता था । यूरोप में कॉफी  हाउस लोगो के मिलने जुलने, चर्चा करने और खेलने के अड्डे बन गए थे । कई शासको ने इसका विरोध भी किया चार्ल्स द्वितीय ने 1675 मे कहा था कि  कॉफी हाउस में असंतुष्ट लोग मिलते है जो सत्ता के खिलाफ दुष्प्रचार करते है ।

दुनिया मे ब्राजील  कॉफी का सबसे बड़ा उत्पादक है । भारत मे सबसे ज्यादा कर्नाटक में किया जाता है । इसके अलावा केरल और तमिलनाडु में कुल काफी का 71 फ़ीसदी हिस्सा उत्पादित करते है ।
कॉफी में मौजूद कैफीन की वजह से सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है । इससे शरीर ऊर्जावान होता है ।काफी डिप्रेशन को भी दूर करता है । यह एंटीआक्सीडेंट्स का स्रोत है ।

कॉफी का स्वाद और फ़्लेवर इस बात पर निर्भर करता है कि कॉफी के बीन्स को कितने डिग्री तक भूना गया है । काफी की दो किस्में एरेबिका और रोबस्टा सबसे ज्यादा लोकप्रिय है । एरेबिका कॉफी की गुणवत्ता ज्यादा मानी जाती है । कॉफी अधिकतर गर्म ही पी जाती है लेकिन कोल्ड  कॉफी भी लोग बहुत पसंद करते है ।

कॉफी  कैसे बनती है :

दुनिया की सबसे महँगी  कॉफी ब्लैक आइवरी ब्लैक कॉफी है।इसकी 1 kg काफी का मूल्य 1100 डालर है ।यह कैसे बनायी जाती है बहुत कम लोगो को पता होगा ।इस काफी को बनाने के लिये पहले हाथी को काफी के बीज खिलाएं जाते है । हाथी कच्ची फली खाकर उसे पचाते है और लीद गिरा देते है । बाद मे उस गोबर से काफी के बीज निकाले जाते है । यह काम प्रशिक्षण ट्रेनरो द्वारा किय्स जाता है । इसके उपरांत इन बीजों को अच्छी तरह साफ करके बीजों को सुखाया जाता है । फिर इसको पीस कर पाऊडर बनाया जाता है ।इस तरह ब्लैक आइवरी काफी तैयारी की जाती है ।इस काफी की खासियत यह होती है कि इसमे कड़वाहट नही होती ।पाचन क्रिया के दौरान हाथी के एन्जाइमम काफी का कड़वापन को कम कर देते है । इसके अलावा हाथी केला गन्ना और अन्य फल खाता है ।जिसके कारण काफी मे फलो की गन्ध भी मिल जाती है । इस तरह दुनिया की सबसे महँगी काफी तैयार की जाती है । 1 kg ब्लैक काफी तैयार करने के लिये हाथी को लगभग 33 kg काफी के बीज खिलाएं जाते है ।

कॉफी के फायदे :

कॉफी पीना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है । लेकिन अत्यधिक  कॉफी पीना स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदेह है ।  कम दूध और चीनी के साथ कॉफी पीना चाहिए । क्योकि चीनी और दूध कैफीन के असर को कम कर देता है । आइये काफी के चमत्कारिक फायदे को जाने :

थकावट दूर करना :

यह मेटाबालिज्म बढ़ाने का अच्छा स्रोत है । कैफीन ऊर्जा बना कर रखता है । इससे थकावट दूर होती है । शरीर मे स्फूर्ति का संचार होता है ।

वजन कम करती है :

काफी में मौजूद फैट- आक्सीडेशन शरीर मे मौजूद फैट को कम करता है ।
साथ ही इसमें पायी जाने वाली एंटी ऑक्सीडेंट हमारे शरीर की इम्युनिटी सिस्टम की बढ़ाता है ।

अवसाद दूर करती है :

कैफ़ीन केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है और सेरोटोनिक डोयामाइन और नारड्रेनलाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन को बढ़ाता है । जो मूड को अच्छा करता है । यह तनाव से राहत देता है । आत्महत्या  के विचारों को कम करता है ।

डायबिटीज के लिये लाभदायक :

रोजाना 4 कप कॉफी पीने से डायबिटीज का 25% खतरा कम हो जाता है । यह शरीर मे इंसुलीन बढ़ाने में मदद करता है । शुगर लेवल को कम करता है ।

कैंसर के रोगों को राहत :

यह क्लोरोस्ट्राल को कम  करता है । ब्लैक कॉफी  हानिकारक एंजाइम को भी खत्म करता है । इससे कैसर पीड़ित को भी राहत मिलती है ।

दिल की बीमारी दूर होती है :

कॉफी पीने से स्ट्रोक का खतरा कम होता है । यह रक्तचाप को अधिक समय के लिये बढ़ा देता है

आंख के तनाव को कम करती है :

काफी में क्लोरोजेनिक एसिड होता है । जो आंखों की क्षति को रोकता है । आँखों में बढ़ रहे तनाव को कम करता है ।

लिवर रोग में फायदा :

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बिना दूध और चीनी के कॉफी पीने से लिवर संबंधी रोग का खतरा नही होता । लिवर कैंसर भी नही पनपने देता ।

हैंगओवर को कम करती है :

हैंगओवर अनियंत्रित सिरदर्द का कारण बनता है । बिना दूध के काफी पीने से सिरदर्द से राहत मिलती है । कैफीन में मौजूद न्यूरो प्रोएक्टिव प्रभाव को कम करता है ।

गठिया रोग से राहत :

कॉफी यूरिक एसिड के प्रोडक्शन को कंट्रोल करता है । इससे गठिया का रोग दूर होता है ।

त्वचा चमकदार और रोगमुक्त होती है :

आँख के नीचे कालेे सर्कल को भी दूर करता है ।
कुछ लोग इसे फेशियल स्क्रब के रूप में भी  इस्तेमाल करते है । यह ऊतकों की मरम्मत करता है । इसके साथ ही  इससे स्किन चमकदार और रोगमुक्त होती है।स्किन को  नुकसानदायक किरणों से बचाती है ।
मृत कोशिकाएं केवल त्वचा को ही नही बल्कि सिर की त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती है ।इससे बाल रूखे हो जाते है और डैंड्रफ हो जाते है । ग्राउंडेड कॉफी सिर की मृत कोशिकाओं से छुटकारा दिलाती है । इससे बाल स्वस्थ रहते है । काफी के गुणो को देखते हुए सौंदर्य उत्पादकों ने अपने प्रोडक्ट्स में कॉफी का प्रयोग करने लगे है ।

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